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आईआईटी के ई मास्टर्स में एआई एंड एमएल बना ‘फस्र्ट च्वाइस’ 

इंजीनियरिंग करने के इच्छुक यूथ की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस ब्रांच होती है. अगर ब्रांच के स्पेशलाइजेशन में आएंगे तो आर्टिफिशिलय इंटेलीजेंस (एआई) एंड मशीन लर्निंग (एमएल) ब्रांच को फस्र्ट च्वाइस माना जाता है. सिटी में बीटेक और एमटेक कराने वाले इंस्टीट्यूट्स में इन ब्रांचों की सीटें जल्दी भर जाती है. आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह च्वाइस केवल यूथ की नहीं बल्कि जॉब कर रहे प्रोफेशनल्स की भी है. यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि आईआईटी कानपुर के ई मास्टर्स कोर्स में हुए एडमिशन डाटा से सामने आई है.

कानपुर। इंजीनियरिंग करने के इच्छुक यूथ की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस ब्रांच होती है। अगर ब्रांच के स्पेशलाइजेशन में आएंगे तो आर्टिफिशिलय इंटेलीजेंस (एआई) एंड मशीन लर्निंग (एमएल) ब्रांच को फस्र्ट च्वाइस माना जाता है। सिटी में बीटेक और एमटेक कराने वाले इंस्टीट्यूट्स में इन ब्रांचों की सीटें जल्दी भर जाती है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह च्वाइस केवल यूथ की नहीं बल्कि जॉब कर रहे प्रोफेशनल्स की भी है। यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि आईआईटी कानपुर के ई मास्टर्स कोर्स में हुए एडमिशन डाटा से सामने आई है। यहां इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स के लिए चलाए जा रहे ई मास्टर्स कोर्स में सबसे ज्यादा एडमिशन एआई एंड एमएल के कोर्स में हुआ है। इस कोर्स में रिकार्ड 189 एडमिशन लिए गए हैैं। आईआईटी में ई मास्टर्स के चल रहे 11 कोर्सों में यह कोर्स एडमिशन डिमांड और लेने वालों में टॉप पर है। आईआईटी ने ईमास्टर्स के लिए जनवरी 2024 से स्टार्ट होने वाले न्यू सेशन के लिए स्टूडेंट्स की सिलेक्शन लिस्ट को जारी कर दिया है।

एआई एंड एमएल पहले नंबर पर

ई मास्टर्स कोर्सों में एडमिशन के मामले में एआई एंड एमएल पहले नंबर पर है। इस कोर्स में रिकार्ड 189 एडमिशन हुए हैैं। इसके अलावा सबसे कम एडमिशन वाले कोर्स में फाइनेंशियल एनालिसिस का नाम है। इस कोर्स में सबसे कम आठ एडमिशन हुए हैैं।

यह है ई मास्टर्स कोर्स

आईआईटी कानपुर की ओर से इंडस्ट्री में काम कर रहे प्रोफेशनल की ग्रोथ और नॉलेज बढ़ाने के लिए ई मास्टर्स कोर्स चलाए गए है। अलग- अलग डिपार्टमेंट्स में चलने वाले कोर्सेज में ग्रेजुएशन पास को एडमिशन दिया जाता है। इस कोर्स में एडमिशन गेट पास होने के बगैर दिया जाता है। इसमें एडमिशन के लिए कैंडीडेट को एलिजबिलिटी चेक करके एप्लीकेशन करनी होती है। इसके बाद सिलेक्शन प्रोसेस में एप्लीकेशन रिव्यू, टेस्ट और इंटरव्यू होता है। इस प्रोसेस में खरे उतरने वाले स्टूडेंट को सिलेक्शन लिस्ट में शामिल करके एडमिशन दिया जाता है। यह कोर्स ऑनलाइन माध्यम से चलते हैैैं। इस कोर्स को पूरा करने के लिए मिनिमम एक और मैक्सिमम तीन साल का समय मिलता है। बताते चलें कि इन कोर्सों में स्टडी ऑनलाइन मोड में कराई जाती है।

यह है बेनीफिट

आईआईटी से ई मास्टर्स कोर्स करने वालों को कई बेनीफिट्स मिलते हैैं। क्लासेज में आईआईटी के एक्सपर्ट से नॉलेज बढ़ाने का मौका मिलता है। इसके अलावा आईआईटी के कोर्स से उनकी वैल्यू बढ़ती है जो कि ग्रोथ में हेल्प करती है। इतना ही नहीं ई मास्टर्स कोर्स करने वालों को आईआईटी के एलुमिनाई से कनेक्ट होने का मौका मिलता है।


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